मध्य प्रदेश शासन

-विकास प्रणाली

(वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान)

संचालनालय किसान कल्याण तथा कृषि विकास
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वन अधिकार पट्टा

वन भूमि पर कृषि कार्य करने वाले किसानों के लिए उर्वरक सुविधा

वन अधिकार पट्टा क्या है?

वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत वन भूमि पर पारंपरिक रूप से निवास करने वाले एवं कृषि कार्य करने वाले आदिवासी एवं अन्य वनवासी समुदायों को वन अधिकार पट्टा प्रदान किया जाता है।

ई-विकास प्रणाली में वन पट्टाधारी किसानों को अनुविभागीय अधिकारी के सत्यापन के उपरांत उर्वरक प्राप्त करने की सुविधा प्रदान की गई है। इससे वन भूमि पर कृषि करने वाले किसान भी उर्वरक वितरण प्रणाली का लाभ उठा सकते हैं।

पात्रता मानदंड

  • वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत पट्टा प्राप्त किसान
  • मध्य प्रदेश के स्थायी निवासी
  • वन भूमि पर वास्तविक कृषि कार्य करने वाले
  • अनुविभागीय अधिकारी द्वारा सत्यापित

प्रक्रिया के चरण

01

अनुविभागीय अधिकारी सत्यापन

वन पट्टाधारी किसानों को सर्वप्रथम अनुविभागीय अधिकारी (SDO) से अपने वन अधिकार पट्टे का सत्यापन कराना होगा।

02

ई-विकास पोर्टल पंजीकरण

सत्यापन के उपरांत किसान ई-विकास पोर्टल पर अपना पंजीकरण कर सकते हैं और उर्वरक टोकन बुक कर सकते हैं।

03

उर्वरक टोकन बुकिंग

पंजीकरण के बाद किसान अपनी फसल एवं भूमि की आवश्यकता के अनुसार उर्वरक टोकन बुक कर सकते हैं।

04

उर्वरक प्राप्ति

टोकन बुकिंग के बाद निर्धारित खुदरा विक्रेता से उर्वरक प्राप्त करें। आधार OTP से सत्यापन आवश्यक है।

आवश्यक दस्तावेज़

उर्वरक टोकन बुकिंग के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ तैयार रखें

वन अधिकार पट्टा प्रमाण पत्र

मूल वन अधिकार पट्टा दस्तावेज़

आधार कार्ड

किसान का वैध आधार कार्ड

मोबाइल नंबर

आधार से लिंक मोबाइल नंबर (OTP के लिए)

SDO सत्यापन पत्र

अनुविभागीय अधिकारी द्वारा जारी सत्यापन पत्र

भूमि नक्शा

वन भूमि का खसरा/नक्शा

फसल विवरण

वर्तमान सीजन की फसल की जानकारी

पंजीकरण आवेदन फॉर्म

वन अधिकार पट्टाधारी किसान नीचे दिए गए फॉर्म को भरें