

वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत वन भूमि पर पारंपरिक रूप से निवास करने वाले एवं कृषि कार्य करने वाले आदिवासी एवं अन्य वनवासी समुदायों को वन अधिकार पट्टा प्रदान किया जाता है।
ई-विकास प्रणाली में वन पट्टाधारी किसानों को अनुविभागीय अधिकारी के सत्यापन के उपरांत उर्वरक प्राप्त करने की सुविधा प्रदान की गई है। इससे वन भूमि पर कृषि करने वाले किसान भी उर्वरक वितरण प्रणाली का लाभ उठा सकते हैं।
वन पट्टाधारी किसानों को सर्वप्रथम अनुविभागीय अधिकारी (SDO) से अपने वन अधिकार पट्टे का सत्यापन कराना होगा।
सत्यापन के उपरांत किसान ई-विकास पोर्टल पर अपना पंजीकरण कर सकते हैं और उर्वरक टोकन बुक कर सकते हैं।
पंजीकरण के बाद किसान अपनी फसल एवं भूमि की आवश्यकता के अनुसार उर्वरक टोकन बुक कर सकते हैं।
टोकन बुकिंग के बाद निर्धारित खुदरा विक्रेता से उर्वरक प्राप्त करें। आधार OTP से सत्यापन आवश्यक है।
उर्वरक टोकन बुकिंग के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ तैयार रखें
मूल वन अधिकार पट्टा दस्तावेज़
किसान का वैध आधार कार्ड
आधार से लिंक मोबाइल नंबर (OTP के लिए)
अनुविभागीय अधिकारी द्वारा जारी सत्यापन पत्र
वन भूमि का खसरा/नक्शा
वर्तमान सीजन की फसल की जानकारी
वन अधिकार पट्टाधारी किसान नीचे दिए गए फॉर्म को भरें
उपयोगी दस्तावेज़ एवं सहायता सामग्री